देवसेना का गीत जयशंकर प्रसाद।आह वेदना मिली विदाई व्याख्या सहित। jayshankar prsad

देवसेना का गीत जयशंकर प्रसाद।आह वेदना मिली विदाई।jayshankar prsad   देवसेना का गीत   आह ! वेदना मिली विदाई मैंने भ्रमवश जीवन संचित, मधुकरियों की भीख लुटाई।     छलछल थे संध्या के श्रमकण, आँसू-से गिरते थे प्रतिक्षण, मेरी यात्रा पर लेती थी नीरवता अनंत अँगड़ाई।     श्रमित स्वप्न…