शिक्षा का अर्थ एवं परिभाषा meaning and definition of education

शिक्षा का अर्थ एवं परिभाषा – Shiksha meaning and definition in hindi   शिक्षा का अर्थ एवं परिभाषा meaning and definition of education शिक्षा का अर्थ एवं परिभाषा देने के लिए विद्वानों ने अपने – अपने मत का प्रयोग किया है। शिक्षा को विद्वानों ने अपने विचारों द्वारा परिभाषित करने…

पूर्व भारतीय युगीन नाटक Purva bhartendu yugeen natak

पूर्व भारतीय युगीन नाटक – Purva bhartendu yugeen natak notes in hindi पूर्व भारतेन्दु युगीन नाटक ( Purva bhartendu yugeen natak )   भारतेंदु जी के नाटकों में कविता की प्रधानता प्राप्त है। भारतेंदु पूर्व के प्रायः सभी नाटक कविता से बोझिल थे। हम इन्हें काव्य नाटक कह सकते हैं। कुछ…

यमक अलंकार yamak alankar ke bhed aur udahran

यमक अलंकार yamak alankar जिस प्रकार स्त्रियां अपने सौंदर्य के लिए शरीर पर आभूषण धारण करती है। उसी प्रकार काव्य की शोभा बढ़ाने के लिए साहित्य को , और मुखर , प्रभावी और सुंदर बनाने के लिए अलंकार का प्रयोग किया जाता है। अलंकार तीन प्रकार के हैं – 1…

भारतेंदु युग 1850-1900 Bhartendu Yug natak hindi notes

भारतेंदु युग ( 1850 – 1900 )  Bhartendu Yug Natak   भारतेंदु को हिंदी साहित्य के आधुनिक युग का प्रतिनिधि माना जाता है। माना जाता है कि आधुनिक हिंदी को नई दिशा प्रदान करने का श्रेय भारतेंदु को दिया जाता है। इस कारण उन्हें आधुनिक हिंदी नाटक का जनक भी…

अनुप्रास अलंकार के भेद सभी उदाहरण सहित | Anupras alankar bhed and examples

Anupras alankar ke sabhi bhed with lots of examples. अनुप्रास अलंकार anupras alankar   जिस प्रकार स्त्रियां अपने सौंदर्य के लिए शरीर पर आभूषण धारण करती है। उसी प्रकार काव्य की शोभा बढ़ाने के लिए साहित्य को , और मुखर , प्रभावी और सुंदर बनाने के लिए अलंकार का प्रयोग…

संज्ञा के भेद परिभाषा और उदाहरण sangya in hindi

संज्ञा के भेद परिभाषा और उदाहरण sangya in hindi   किसी व्यक्ति, स्थान, वस्तु आदि तथा नाम के गुण, धर्म, स्वभाव का बोध कराने वाले शब्द को संज्ञा कहते हैं। जैसे – श्याम, आम, मिठास, हाथी आदि। संज्ञा सार्थक शब्दों के आठ भेदों में एक भेद है। व्याकरण में संज्ञा एक विकारी शब्द है। इसके…

हिंदी नाट्य रंगमंच विकास यात्रा – भारतेंदु पूर्व युग

हिंदी नाट्य रंगमंच विकास यात्रा पर संपूर्ण जानकारी पाने के लिए पोस्ट को ध्यानपूर्वक अंत तक पढ़ें | Hindi naatya rangmanch vikas yatra hindi notes. हिंदी नाट्य रंगमंच विकास यात्रा   भारतेंदु पूर्व युग ( Poorva bhartendu yug ) – भारतेंदु से पूर्व हिंदी नाटक – हिंदी में नाटक की ठोस…

मीडिया लेखन के सिद्धांत – Media lekhan in hindi

मीडिया लेखन के सिद्धांत   मनुष्य अपने आसपास के परिवेश और प्रकृति से विभिन्न रूपों में प्रभावित होता है। इसके फलस्वरूप उसके मन पर पड़ने वाली विभिन्न छाया उसकी अनुभूतियों को जगाती है। यही मनुष्य की अभिव्यंजना के विषय बनते हैं , इन्हें अभिव्यंजक करने के लिए साहित्यकार अपनी प्रतिभा…

फार्स हिंदी रंगमंच फार्स क्या है हिंदी नाटक से सम्बन्ध विस्तृत जानकारी hindi rngmanch

फार्स हिंदी रंगमंच की पूरी जानकारी पाने के लिए ये पोस्ट पूरा पढ़ें | फार्स हिंदी रंगमंच। फार्स – फार्स ‘लेटिन’ धातु का शब्द है , जिसका अर्थ है किसी चीज के बीच में कोई चीज भर देना। फार्स में कॉमिक (विनोदात्मक) दृश्यों की योजना की जाती है ,फार्स नाटक…

रूपक और उपरूपक के भेद और अंतर

रूपक और उपरूपक के भेद और अंतर   प्रश्न – रूपक और उपरूपक में अंतर स्पष्ट करते हुए , रूपक के किन्ही पांच भेदों का विवेचन कीजिए – उत्तर – ( पाठक के लिए नोट यहाँ हम संक्षेप में आपको रूपक अर्थात नाटक के 10 भेद उदहारण सहित लिख रहे हैं आप इस…